radhikasreflection

Everyday musings ….Life as I see it…….my space, my reflections and thoughts !!

Tag Archives: Hindi poetry

यह है ज़िन्दगी – This is life!

ग़म के भोज तले, ऐ दिल तू क्यों रोता है? वक़्त ने सबके दामन में भरे है कुछ पल हस्सी के, कुछ ग़म के कल को नरम धुप के किरणें … Continue reading

January 8, 2020 · 29 Comments

बेफवा कौन? Who Betrays?

ज़िन्दगी तो बेफवा है, जाने कब गले लगा ले और कब ख़फा हो जाये, पर मौत अपने वादे से कभी नहीं मुकरती बस एक बार जो गले लगती है सदा … Continue reading

December 3, 2018 · 74 Comments

प्रफुल्लित रात – Night’s Blush

धुंधलाती हुई परछाई के पीछे सूरज की किरणों ने दिन को किया अलविदा जो जाते जाते छोड़ गयी अपनी लाली मनो आँचल तले शर्माती दुल्हन घरोंदो की ओर उड़ते परिंदे … Continue reading

October 21, 2017 · 47 Comments

पहली बारिश – First Rains

पहली बारिश की छींटे जब पड़े, सूखी धरती पर मानो अमृत बरसे काली घटा छाए घनघोर, पवन जब मचाये शोर रिमझिम रिमझिम जब तू बरसे, कानो में बजती शहनाई, मिटटी … Continue reading

June 8, 2017 · 99 Comments

अनकही बातें – Unspoken Words

ख़ामोशी कभी कभी बहुत कुछ कह जाती है वो अनकही अनसुनी दास्ताँ बयान  कर देती है एक ऐसी ग़ज़ल की रचना  करती है जो जाने सिर्फ  दिल और आखों की … Continue reading

December 17, 2016 · 56 Comments

कोरा कागज़ -Blank Paper

     मै वो कोरा कागज़ हूँ , जिसमे तूने अपने ज़िन्दगी  के फलसफे भर दिए। इन शब्दों की दुनियां में खूब सैर  किया है मैंने लोग तो वही हैं … Continue reading

September 15, 2016 · 50 Comments

गुलज़ार – Gulzar

Sampooran Singh Karla popularly known by his pen name Gulzar, is an Indian poet, lyricist and film director. His style marks sensitivity that is reflected through his writing and films. … Continue reading

August 18, 2016 · 68 Comments